एक मन हँसता है
एक मन रोता है
एक चुपचाप सा
एक गुनगुनाता है
एक मन रोता है
एक चुपचाप सा
एक गुनगुनाता है
एक पंख सा हल्का
एक चट्टान सा
एक है ज़मीन सा
एक आसमान सा
सोचती हूँ
कौन सा मन मेरा है
या फिर मेरा समझना ही
मेरी एक भूल है ?